रेवेन के साथ एक रात के बाद डेज़ी हेस उसे होस्टेस समझकर पैसे छोड़ जाती है। अमीर घर में कदम रखते ही पता चलता है रेवेन उसकी सौतेली बहन है। सौतेला पिता डेज़ी को धमकाता है, और रेवेन हर बार उसे खतरे से बचाती है। नशा देकर फँसाने की साजिश और मौत के करीब से लौटने के बाद डेज़ी अपनी भावनाएँ मानकर रेवेन से प्यार स्वीकारती है।